Monday, 30 May 2011

साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक

अभी एक - दो दिन से मेरे ईमेल में जनोक्ति.कॉम की ओर से मेल आ रहा है कि "साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक" पर अपने त्वरित विचार हमें दें.
शुरू में तो मुझे ये विधेयक समझ में नहीं आया, पर जब राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (National Advisory Council) के द्वारा तैयार मसौदे की प्रमुख बिंदु पढ़े तो लगा कि अब भी कुछ कमी है. मैं यहाँ मसौदे के प्रमुख बिन्दुओं तथा उन पर अपने विचार आपके समक्ष प्रस्तुत करूँगा. हो सकता है कि हमारे विचारों में मतभेद हो सकते हैं अतः आप सभी से गुजारिश है कि इन बातों को बस मेरे विचार समझ के बेवजह के वैचारिक मतभेद से खुद को बचायें.


नेशनल एडवायज़री काउंसिल (NAC) द्वारा सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक का मसौदा तैयार किया गया है जिसके प्रमुख बिन्दु इस प्रकार हैं-

1) कानून-व्यवस्था का मामला राज्य सरकार का है, लेकिन इस बिल के अनुसार यदि केन्द्र को “महसूस” होता है तो वह साम्प्रदायिक दंगों की तीव्रता के अनुसार राज्य सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप कर सकता है और उसे बर्खास्त कर सकता है…

2) इस प्रस्तावित विधेयक के अनुसार दंगा हमेशा “बहुसंख्यकों” द्वारा ही फ़ैलाया जाता है, जबकि “अल्पसंख्यक” हमेशा हिंसा का लक्ष्य होते हैं… 


3) यदि दंगों के दौरान किसी “अल्पसंख्यक” महिला से बलात्कार होता है तो इस बिल में कड़े प्रावधान हैं, जबकि “बहुसंख्यक” वर्ग की महिला का बलात्कार होने की दशा में इस कानून में कुछ नहीं है…

4) किसी विशेष समुदाय (यानी अल्पसंख्यकों) के खिलाफ़ “घृणा अभियान” चलाना भी दण्डनीय अपराध है (फ़ेसबुक, ट्वीट और ब्लॉग भी शामिल)…

5) “अल्पसंख्यक समुदाय” के किसी सदस्य को इस कानून के तहत सजा नहीं दी जा सकती यदि उसने बहुसंख्यक समुदाय के व्यक्ति के खिलाफ़ दंगा अपराध किया है (क्योंकि कानून में पहले ही मान लिया गया है कि सिर्फ़ “बहुसंख्यक समुदाय” ही हिंसक और आक्रामक होता है, जबकि अल्पसंख्यक तो अपनी आत्मरक्षा
कर रहा है)… 

6) न्याय के लिए गठित होने वाली सात सदस्यीय समिति में से चार सदस्य अल्पसंख्यक समुदाय से होंगे. इनमें चेयरमैन और वाइस चेयरमैन शामिल हैं. ऐसी ही संस्था राज्य में बनाए जाने का प्रस्ताव है. इस तरह संस्था की सदस्यता धार्मिक और जातीय आधार पर तय होगी.


अब मेरे विचार भी जान लें -
  • नेशनल एडवायज़री काउंसिल (NAC) द्वारा तैयार किये गए मसौदे के पहले, दुसरे व चौथे बिंदु पर मेरे कोई विचार नहीं क्योंकि ये मेरे हिसाब से सही हैं.
  • अब बारी आती है तीसरे प्रमुख मसौदे की, इसमें उन्होंने सुझाव दिया है कि अगर किसी अल्प संख्यक महिला के साथ दंगे के वक्त बलात्कार होता है तो उन लोगों के लिए दंड के कड़े प्रावधान होंगे, पर अगर किसी बहुसंख्यक वर्ग की महिला के साथ बलात्कार होगा तो उसके लिए कोई कानून न होगा. अब मैं नेशनल एडवायज़री काउंसिल (NAC) से पूछना चाहूँगा कि क्या बहुसंख्यक वर्ग की महिला की कोई इज्ज़त नहीं होती क्या ? भारत वो देश है जहां सदा से ही महिलाओं को मान सम्मान की नज़रों से देखा गया है. आज भारत की महिला पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिला कर चल रही है. तो क्या ऐसे में महिलाओं को किसी वर्ग विशेष की होने पर ही दंगों के वक्त विशेष क़ानूनी सहायता मिलेगी ? अरे ! कोई इनको बताये कि महिला महिला होती है, कोई सामाजिक मान्यता नहीं कि मन किया तो मान दिया नहीं तो अपमान कर लिया. नेशनल एडवायज़री काउंसिल (NAC) से दरख्वास्त है कि महिला चाहे किसी भी वर्ग की हो (बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक) बलात्कार जैसे घिनौने अपराध के लिए सांप्रदायिक या लक्षित दंगों की स्तिथि में किसी को भी न छोड़ा जाए.
  • पांचवे प्रमुख बिंदु के बारे में कुछ सूझ ही नहीं रहा कि इसके पक्ष में बोलूं या विपक्ष में इसी लिए मैं क्षमा चाहूँगा.
  • छठवें बिंदु में इन्होने सात सदस्यीय समिति के गठन का विचार दिया है जिसमे से चार अल्प संख्यक समुदाय के होंगे. इस बात पर भी एक सुझाव है, क्यों न दोनों वर्गों को पूरा-पूरा व बराबरी का अधिकार दिया जाए. और जो भी इस समिति का चेयरमेन व वाइस चेयरमेन हों वो पूरी तरह से किसी भी वर्ग से सम्बंधित न हो ताकि वे किसी वर्ग विशेष को महत्व न दें. बल्कि निरपेक्ष न्याय करे. और हर दंगे के वक्त एक नयी समिति का गठन हो वह भी तुरंत ताकि अल्प व बहु संख्यक समुदाय दोनों की बात सरकार तक पहुँच सके तथा कुछ विशेष सदस्य भी हों क्योंकि हर बार दंगे जरूरी नहीं कि किन्ही दो विशेष धर्मो या जाति के लोगों के बीच हों.
आशा है, मेरी बात सब तक जरूर पहुंचेगी. मुझे नहीं पता कि ये सुझाव सीधे ही नेशनल एडवायज़री काउंसिल (NAC) के पास पहुँच जाएगी या प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति जी के पास पहुंचेगी, पर मुझे विश्वास है कि जनता के लिए बनाये जाने वाले विधेयक में जनता का योगदान होना जरूरी है ताकि किसी के विचारों या अधिकारों का हनन न हो सके.

धन्यवाद...

महेश बारमाटे "माही"

Thursday, 26 May 2011

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड की रूपरेखा

नमस्कार दोस्तों !

आज मैं हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड की रूपरेखा आपके संग साझा करने आया हूँ ताकि जो लोग इस हेतु अपना योगदान करना चाहते हैं, मुझसे संपर्क कर सकते हैं.
रूपरेखा से पहले आप इस किताब के बारे में कुछ जरूरी बातें जान लें जो हम यहाँ देना चाहते हैं - 
  • हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड अपने आप में एक सम्पूर्ण किताब होगी जिसमे ब्लॉग्गिंग से सम्बंधित सारी जानकारियाँ होंगी.
  • इसमें लिखे गए लेख ऐसी सरल भाषा में होने चाहिए कि कोई नौसीखिया तथा कोई कंप्यूटर के बारे में थोडा जानकार (या यूँ कहें कि कोई अनपढ़) भी पढ़ कर अपना ब्लॉग बना सके.
  • हम ब्लॉग्गिंग से सम्बंधित जानकारी देना चाहते हैं पर इस कोई सामान्य ज्ञान (GK) की किताब नहीं बनाना चाहते.
  • याद रखिए कि आपकी गाइड उन लोगों के लिए होगी जो नहीं जानते कि ब्लॉग क्या होता है और इसमें कैसे लिखा जाता है ? इसे किसी एग्रीगेटर पर रजिस्टर कराने से क्या लाभ होता है ? कितने एग्रीगेटर इस समय अपनी सेवाएं दे रहे हैं ? आदि आदि। 
  • केवल उनके काम की निहायत ज़रूरी जानकारी दी जाए और ज़्यादा जानकारी के लिए उन्हें उन ब्लॉग्स के लिंक दे दिए जाएं जहां से वे संबंधित विषय का ज्ञान ले सकें। क्योंकि जब वे एक बार ब्लॉग बना ही लेंगे तो फिर वे हमसे निजी तौर पर संपर्क कर के मदद मांग सकें.
  • लेख कुछ ऐसे हों ताकि ज्यादा मोटी किताब न बने, क्योंकि मोटी किताब पढने का चलन अब नहीं रहा, और पतली किताब के प्रकाशन में ज्यादा खर्च भी नहीं आने वाला.
  • हमारा उद्देश्य है कि ये किताब जन-जन तक पहुंचे, और जैसा कि अनवर जी ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि ये किताब लोगों को मुफ्त में बांटी जाए या इसकी कीमत सभी वर्गों के ब्लोग्गेर्स की खर्च सीमा के अन्दर ही हो...
  • अगर आप किसी और ब्लॉगर की कोई रचना इस पुस्तक में दे रहे हों तो उनकी पूरी सम्मति ले लेवें तथा अपने लेख के साथ उनके लेख का लिंक भी हमें बताएं.
तो लीजिये अब पेश है - "हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड की रूपरेखा"

  • प्रस्तावना
    • इसके अंतर्गत हम लोगों को हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के बारे में बताएँगे कि आखिर इस किताब को लिखने कि जरूरत क्यों पड़ी और इस किताब का मुख्या उद्देश्य क्या है तथा इस पुस्तक के पीछे किन किन ब्लॉगर का हाथ है.
  • ब्लॉग्स - एक परिचय
    • हिंदी ब्लॉग्गिंग का संक्षिप्त इतिहास
      • इसके अंतर्गत हम एक संक्षिप्त परिचय देंगे जिसमे यह बताया जाएगा कि हिंदी ब्लॉग्गिंग की शुरुआअत आखिर किस तरह हुई और आज ये किस मुकाम पर है, तथा हमारा हिंदी ब्लॉग्गिंग को नयी ऊंचाइयों तक पहुचाने और नए ब्लॉगर को प्रेरित करें के सपने इत्यादि के बारे में बताएँगे.
  • ब्लॉग्गिंग की ताकत
    • ब्लॉग क्यों बनाया जाए ?
    • ब्लॉग बनाने के फायदे 
    • ब्लोग्स के साइड इफेक्ट्स 
    • ब्लॉग कैसे बनाएं ? 
      • इसके अंतर्गत - 
        • ब्लॉगर.कॉम में अकाउंट बनाने से लेकर इसे पूर्णतया तैयार करने तक की पूरी जानकारी दी जाएगी.
        • पोस्ट कैसे डालें ?
        • तस्वीर कैसे डालें ?
        • विडियो कैसे एम्बेड करें ?
        • टेक्स्ट को कैसे अलग अलग रंग में सजाएं ?
        • टिप्पणी का जवाब कैसे दें? 
        • अपनी टिप्पणी में किसी पोस्ट का लिंक कैसे दें ? 
        • ब्लॉग में पोस्ट को कैसे प्रबंधित (फोर्मेटिंग तथा समय प्रबंधन इत्यादि) करें ?
        • किसी ब्लॉगर को कैसे फौलो करें ?
        •  इत्यादि जानकारी.
  • स्टार ब्लॉगर कैसे बनें ?
    • इसके अंतर्गत  ये बताया जाए कि ब्लॉग में क्या लिखा जाए और क्या नहीं ?
    • दूसरों के ब्लोग्स पढने क्यों जरूरी हैं ?
    • कमेंट्स करते वक्त अपशब्द व  भड़काऊ शब्दों के साइड इफेक्ट्स से नवोदित ब्लॉगर को परिचित कराया जाए
    • ब्लॉग पोस्ट में उचित फॉण्ट कलर, फॉण्ट साइज़, तथा उपयोग में आने वाले चित्रों (फोटो) के कॉपीराईट इत्यादि के बारे में जानकारी दी जाए.
  • क्या होता है साझा या सामूहिक ब्लॉग ?
    • साझा ब्लॉग : एक परिचय
    • साझा ब्लॉग के फायदे व नुकसान
    • साझा ब्लॉग कैसे बनायें ?
    • साझा ब्लॉग में अपने पोस्ट कैसे डालें ?
  • ब्लॉग एग्रीगेटर 
    • परिचय 
    • उनका उपयोग
    • तथा उपयोगी ब्लॉग एग्रीगेटर के लिंक
  • ब्लॉग्गिंग टिप्स 
    • उपयोगी ब्लॉग्गिंग टिप्स 
    • कुछ उपयोगी साइट्स के लिंक यहाँ दिए जायेंगे जिनमे उपयोगी टिप्स मिलते हों
  • ब्लॉग्गिंग शब्दावली 
    • कुछ उपयोगी शब्दों की परिभाषाएं जो ब्लॉग जगत में मशहूर हैं
  • और अंत में 
    • इसमें नए ब्लॉगर को प्रोत्साहित करने हेतु कुछ सुझाव होंगे
    • उन सभी ब्लॉगर जिन्होंने इस किताब को लिखने में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दिया है उन सभी का फोटो समेत छोटा सा परिचय तथा उनके ईमेल व ब्लॉग पते यहाँ दिए जायेंगे.
इसके अलावा आपके पास कोई सुझाव हो तो बताएं...

मैं अपनी अगली पोस्ट में उन सभी ब्लॉगर के नाम बताऊंगा जो हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के लिए लिखना चाहते हैं इसीलिए अगली पोस्ट लिखने से पहले मैं आप सब से जानना चाहता हूँ कि आप किस विषय में लिख सकते हैं ?
मेरे अगले पोस्ट में मैं हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड को लिखने हेतु कुछ नियम व शर्तें भी बताऊंगा...

कृपया मुझे कमेन्ट करके तथा मेरे ईमेल पर मुझे अपना विषय चयन बताएं... 

मेरा ईमेल है - mbarmate@gmail.com 
अगर आपको मुझसे सीधे बात करनी है तो मुझे कॉल करें - 09179670071 पर 

आपके सारे ईमेल मैं इस किताब के प्रमुख लेखक डॉ. अनवर जमाल जी को भी बताऊंगा ताकि उन्हें भी इस किताब के बारे में आपके कार्य की जानकारी मिल सके.

और हाँ एक बात और, वो ये कि मैंने अभी तक साझा ब्लॉग और ब्लॉग्गिंग के साइड इफेक्ट्स वाले विषय पर कुछ लेख लिख लिए हैं इसीलिए आप सभी से अनुरोध है कि आप साझा ब्लॉग के विषय में न लिखें... 

महेश बारमाटे "माही"

Monday, 23 May 2011

अनुरोध


२९ अप्रेल २०११, ब्लॉग की ख़बरें में एक पोस्ट रात के करीब १:२० am  पर प्रकाशित हुई. शीर्षक था - हिंदी ब्लॉग्गिंग का भविष्य रौशन करेगी 'हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड'  और लेखक थे डॉ. अनवर जमाल खान. इस लेख में सारी हिंदी ब्लॉग्गिंग बिरादरी से आह्वान किया था कि हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड में हमें सभी का सहयोग चाहिए. जो भी ब्लॉगर इस हेतु अपने लेख लिखना चाहता है वो अपने लेख व विचारों से हमको अवगत करा सकता है. आज करीब एक महीना होने जा रहे हैं और मुझे खबर मिली कि किसी भी लेखक, ब्लॉगर ने हमसे कोई संपर्क नहीं किया. 
इसके अलावा लोगों का ध्यान पिछले दिनों भट्टापरसौल, राहुल गाँधी, भ्रष्टाचार, हिन्दू-मुस्लिम धार्मिक असमानता वगैरह में ज्यादा रहा. वैसे ये इनमे से कुछ विषय भारत से सम्बंधित हैं इसीलिए मैं इन विषयों का कोई विरोध नहीं करता. मैंने कहीं सुना था - "सोच को बदलो सितारे बदल जायेंगे, नज़रों को बदलो नज़ारे बदल जायेंगे." ये बात किसी विचारक के अनुभव से ही कही गई होगी. जितना बुराई के बारे में सोचोगे उतना ही बुरा होता जायेगा और जितना अच्छाई के बारे में सोचोगे उतना ही अच्छा देखने व सुनने को मिलेगा. वो कहते हैं न -
 मैं सही तो सब सही, मुझे बुरे की परवाह नहीं. 
और 
चलो कोई बात नहीं, तब नहीं तो अब सही. 

अब आप सोच रहे होंगे कि मैंने ऐसा क्या पहाड़ खोद लिया जो आपसे ये सवाल कर रहा हूँ, मुझे भी अपना गिरेबान  झांकना चाहिए. तो मैं ये कहना चाहूँगा कि मैंने हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के लिए कुछ लेख लिख लिए हैं और उन लेखों से अनवर जी को अवगत भी करा दिया है और बहुत जल्द वो लेख अनवर जी को सौंप भी दिए जायेंगे. और हाँ, एक बात और हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड की रूप रेखा भी तैयार कर ली गई है उसी के अनुरूप मैंने लेख लिखे हैं. पर सारे लेख मैं और अनवर जी ही लिखें जरूरी तो नहीं न? 
इसीलिए आप सभी ब्लोगर्स से अनुरोध है कि जिस तरह आप भारत में हो रही तरह तरह की घटनाओं के लिए अपने लेख लिख रहे हैं उसी तरह एक लेख हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के लिए भी लिखें...

अधिक जानकारी के लिए आप मुझे ईमेल करें - mbarmate@gmail.com
या डॉ. अनवर जवाल खान जी को ईमेल करें - eshvani@gmail.com

महेश बारमाटे "माही"

Wednesday, 18 May 2011

विराम...

नमस्कार दोस्तों !
आज मैं आपके पास किसी बात की सलाह या सुझाव देने या अपने दिल की भड़ास उतारने नहीं आया, आज बस इतना  कहने आया हूँ कि हिंदी ब्लॉग्गिंग की दुनिया में मैं थोडा विराम लेना चाहता हूँ. कारण है मेरा स्वास्थ्य, जो कल रात से थोड़ा मेरे अनुकूल नहीं है, जिस कारण मैं कुछ नहीं कुछ नहीं कर पा रहा हूँ. बड़ी मुश्किल से ये लेख लिख पा रहा हूँ... आशा है बहुत जल्द आप मेरे लेख या कवितायें फिर से पढेंगे... 

धन्यवाद...

आपका 
महेश बारमाटे "माही"

Tuesday, 17 May 2011

अपील...

कल मैंने एक लेख लिखा था, उसमे एक नए साझा ब्लॉग का उद्देश्य तथा सभी ब्लॉगरगण को खुला निमंत्रण दिया था मैंने..
अफ़सोस की बात है कि उस लेख को बहुत कम ही लोगो ने काम का समझा और शायद या तो बाकियों ने उसे देखा ही नहीं या फिर... (अब आप लोग तो समझदार हैं ही)...

फिर भी मैं अख्तर खान "अकेला" जी, डॉ. अनवर जमाल खान जी, अवनीश सिंह जी, रमेश कुमार जैन "सिरफिरा" जी तथा अंजू चौधरी जी का शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने मेरा लेख पढ़ा और मुझे शुभकामनाएं भी दी और इनमे से कुछ ने इस साझा ब्लॉग के सन्दर्भ में पूछा भी. 

आगे कुछ भी लिखने से पहले मैं उन सभी ब्लौगर्स से कहना चाहूँगा जिसने मेरा पूर्व लेख न पढ़ा हो, वो आगे न पढ़ें, ताकि शिकायत का कोई मौका ही न मिले. 

दोस्तों ! शायद ब्लॉग्गिंग जगत को जब पहली बार मैंने कुछ सुझाव दिए थे तब से मेरे इस दुस्साहस के कारण लोगों ने मुझे नकारना शुरू कर भी दिया होगा. और इस सम्भावना का ज़िक्र मैंने अपने एक लेख में भी किया था. खैर जो भी हो, मुझे क्या ?
मेरा काम तो लिखना है और मैं लिखे जा रहा हूँ. पर मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि आप मेरे लेख पढ़ते हैं उनमे लिखी बातों को समझते हैं उसके बाद भी अगर आप मेरा साथ देने आगे नहीं आ रहे तो इसका मतलब आप अपने आप से डरते हैं, आप किसी और को तरक्की करते नहीं देखना चाहते, आप किसी की तरक्की का साथी नहीं बनना चाहते...
माफ़ी चाहूँगा कि मैंने ऐसा कह कर शायद आपका अनादर किया होगा, पर जो बात मुझे सच लगी वो बात मैंने कह दी. जिस दिन मुझे यही बात गलत लगेगी मैं अपने शब्द वापिस ले लूँगा...

देखिये मैं आपको जबरदस्ती कोई काम करने नहीं बोल रहा क्योंकि मैं कोई भारत सरकार नहीं कि बोल दिया कि आपको टैक्स भरना है तो भरना ही होगा, पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे तो बस बढ़ेंगे... अगर आपको मेरे विचार नापसंद आयें तो कृपया मुझे अवगत कराएँ... बस इतना ही चाहता हूँ मैं...

इस लेख को मैं किसी और साझा ब्लॉग में नहीं डाल रहा हूँ क्योंकि वहाँ मैं उस साझा ब्लॉग कि गरिमा कि इज्जत करता हूँ...

आज मैं सभी नवोदित ब्लोग्गेर्स से अपील करता हूँ कि अगर आपने मेरा लेख पढ़ा है, मेरे विचार जानते हैं तो इस साझा ब्लॉग को बनाने में मेरी मदद करें. रही बात अनुभव की, तो वह किसी दुकान में नहीं बिकता, हम खुद अनुभवी बन के दिखायेंगे.. 

धन्यवाद

महेश बारमाटे "माही" 

अगर आप मेरा लेख फिर पढ़ना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें - 

आमंत्रण पत्र : नए साझा Blog Association के लिए 

Monday, 16 May 2011

आमंत्रण पत्र : नए साझा Blog Association के लिए

पिछले एक महीने में मैंने हिंदी ब्लॉग्गिंग जगत में बहुत कुछ जाना और सीखा है और इसी कारण आज मैं दो बड़े साझा ब्लॉग (साहित्य प्रेमी संघ, कुछ तुम कहो कुछ मैं कहूँऔर एक ब्लॉग एसोसिएशन (हिंदी ब्लोगर्स फोरम इंटरनॅशनल) का हिस्सा हूँ. और इन साझा ब्लोग्स में सदस्यता मिलना मुझ जैसे नवोदित ब्लॉगर के लिए बहुत बड़ी बात है. मैंने ब्लॉग जगत में खोज की तो देखा बहुत से साझा ब्लॉग बने हैं यहाँ जो किसी न किसी उद्देश्य के कारण ही बने हैं और जब मैंने योगेन्द्र पाल जी का एक लेख पढ़ा तो बस तब ही से मन में ठान लिया कि मैं भी एक साझा ब्लॉग बनाऊंगा. और मैंने सबसे पहले अपने सजह ब्लॉग का उद्देश्य सोच लिया है. मेरे साझा ब्लॉग का उद्देश्य होगा -
  • "नवोदित ब्लोग्गेर्स को एक ऐसा मंच प्रदान करना जो साप्ताहिक स्तर पर प्रतिगिताएं आयोजित करे  और ब्लोग्गेर्स को प्रोत्साहित करे. शुरुआत में ब्लोग्गेर्स को प्रोत्साहित करने के लिए मैं सिर्फ प्रशस्ति पत्र ही प्रदान कर सकता हूँ, क्योंकि अभी तक मैं बेरोजगार ही हूँ, पर प्रोत्साहन राशि के लिए भी मेरे दिमाग में कुछ विचार हैं, पर वो अभी तो मैं आपको नहीं बता सकता. "
  • "प्रोत्साहन हेतु जो प्रशस्ति पत्र हम प्रतियोगियों को भेजेंगे वे डाउनलोडेबल (*.PDF) फॉर्मेट में होंगे ताकि प्रतियोगी उस सर्टिफिकेट को प्रिंट भी करा सके."
  • माह में केवल तीन प्रतियोगिताएं ही आयोजित की जाए ताकि माह के अंत में एक मासिक ई-पत्रिका प्रकाशित की जाएगी जिसमे माह भर की साडी गतिविधियों का लेखा हो तथा सभी सर्वोच्च प्रतियोगियों की प्रविष्टियाँ भी उनमे होंगी.
और अगर आपके पास कोई सुझाव हों तो कृपया मुझे मेरे ईमेल पर सुझाव भेजें - mbarmate@gmail.com  
मैं ये सब आप लोगों को इसीलिए बता रहा हूँ कि इस उद्देश्य के क्रियान्वयन के लिए मुझमे समय प्रबंधन तथा उच्च स्तर की साहित्यिक व तकनिकी क्षमता का होना अनिवार्य है (ऐसा मेरा मानना है) इसीलिए मुझे एक संपादक मंडल, प्रतियोगिता हेतु निर्णायक मंडल व तकनिकी व कानूनी सलाहकार की आवश्यकता है... चूंकि मैं हिंदी ब्लॉग्गिंग जगत में नया हूँ और बहुत कम अनुभवी लोगों को ही जानता हूँ तो कृपया मेरी इस पोस्ट को ही आमंत्रण पत्र समझ कर, मुझे अपनी सलाह व सुझाव के साथ मेरे इस नए साझा ब्लॉग मंच का हिस्सा बनाने हेतु आगे आयें. ये मेरा आप सभी हिंदी ब्लॉग जगत के गणमान्य ब्लोग्गेर्स से सविनय निवेदन तथा आग्रह है... 

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद...

महेश बारमाटे "माही"

नोट - कृपया मेरी बातों को अन्यथा न लें और साझा ब्लॉग हेतु अपने नाम देने के लिए स्वयं ही मुझसे संपर्क करें. और अगर आपके हिसाब से कोई अनुभवी ब्लॉगर इस काम को अच्छी तरह कर सकता है तो मुझे उनका नाम सुझाएँ ताकि मैं खुद उनसे विनम्र निवेदन कर उन्हें पद सँभालने की अनुमति मांग सकूं. मेरा यह कार्य पूर्णतः जनहित में है. ज्यादा जानकारी के लिए मुझे ईमेल करें अथवा मुझे फ़ोन करें - 9179670071

Saturday, 14 May 2011

धोका : Blogger.com का

ब्लॉगर.कॉम ने मेरे साथ किया धोका... 
इस बात पे खुश होऊं या गुस्सा... कुछ समझ में नहीं आ रहा...

११ मई २०११, को मैंने अपने ब्लॉग "माही" पर एक कविता लिखी. शीर्षक था - "तड़प

अब हुआ यूं कि मैंने ये कविता पोस्ट कर दी पर कोई कमेन्ट नहीं आया... पर १२ मई २०११ को 
संजय भास्कर जी  का एक कमेन्ट आया. - "मैं क्या बोलूँ अब....अपने निःशब्द कर दिया है..... बहुत ही सुंदर कविता."

और मैंने भी उनको धन्यवाद कहा.. 

और आज जब मैंने अपने ब्लॉग पे वही कविता फिर से देखी तो....

संजय जी का कमेन्ट गायब था, और मेरा भी...

वैसे मुझे इस बात पे गुस्सा भी आया कि आखिर कैसे हुआ ये सब... 
फिर दिमाग पे थोडा जोर लगाया तो मैंने पाया कि दोपहर में ब्लॉगर.कॉम खोलने पर खुल नहीं रहा था. वह दर्शा रहा था कि ब्लॉगर.कॉम अभी उपलब्ध नहीं है.

अब आप शायद कहें कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि मेरी कविता से कमेन्ट बिना मेरी इज़ाज़त के गायब हो जाये. तो मेरे पास एक और इलज़ाम है ब्लॉगर.कॉम के लिए...

११ मई २०११ को ही मैंने एक नया साझा ब्लॉग बनाया था. नाम रखा - नवोदित चिट्ठाकार
चूंकि मैंने अपनी दूसरी जीमेल आई डी से ये ब्लॉग बनाया था और फिर  मैंने अपनी इस आई डी में सदस्य बन्ने के लिए आमंत्रण भेजा. और फिर अभी जब मैंने अपना ब्लॉगर डैशबोर्ड देखा तो वो ब्लॉग भी गायब था. ब्लॉगर ने उस ब्लॉग को तथा उसमे लिखे एक पोस्ट (जो कि ड्राफ्ट में था) को भी डिलीट कर दिया...

अब आप ही बताएं कि मैं क्या करूँ ? 

ब्लॉगर.कॉम की बेवकूफी पे हंसी ज्यादा आ रही है गुस्से कि बजाये...  :-D

महेश बारमाटे "माही"

Wednesday, 4 May 2011

ब्लॉग्गिंग के साइड इफेक्ट्स

ब्लॉग्गिंग... 
इसका मतलब तो अब हम सभी जानते हैं... और इससे होने वाले फायदे भी...
तभी मेरे मन में ख्याल आया कि अगर कहीं फायदा है तो नुकसान भी उसके आसपास ही घूमता हुआ मिल ही जायेगा एक न एक दिन. इसीलिए मैं कहता हूँ कि ब्लॉग्गिंग के न केवल फायदे होते हैं बल्कि साइड इफेक्ट्स भी होते हैं. आखिर दोनों एक दूसरे पूरक जो ठैरे... पर साइड इफेक्ट्स से पहले के बार मैं आपको इसके फायदे फिर याद दिलाना चाहता हूँ...
  1. ब्लॉग्गिंग करने से इन्सान में खुद को पहचान सकने की शक्ति का संचार होता है.
  2. अपनी बात दुनिया तक पहुँचाने  का सशक्त माध्यम है ये.
  3. अपनी प्रतिभा को और भी प्रबल करने का नायाब करने का आधुनिक व सबसे सरल तरीका.
  4. कभी-कभी ब्लॉग्गिंग समाज सेवा करने का मौका भी देती है.
  5. नए व अनुभवी लोगों से मिलने का मौका मिलता है, आदि इत्यादि.
और भी कई फायदे हैं ब्लॉग्गिंग के, पर चलो अब ब्लॉग्गिंग के साइड इफेक्ट्स पर भी नज़र डाली जाए. 

ब्लॉग्गिंग के साइड इफेक्ट्स - ब्लॉग्गिंग कोई मेडिसिन तो नहीं फिर ये साइड इफेक्ट्स कैसे ? अजी जनाब ! जब भी हम ब्लॉग पर कोई लेख, कविता वगैरह लिखते हैं तो सबकी दिली इच्छा होती है कि उसके पोस्ट पर बहुत सारे अच्छे - अच्छे कमेंट्स आयें. और यही मनोकामना कभी-कभी साइड इफेक्ट का काम करने लगती हैं. जब हमें हमारी इच्छा के अनुरूप कोई कमेन्ट नहीं आता, या ज्यादा से ज्यादा कमेंट्स नहीं मिलते या आपकी पोस्ट पढने वाले को आपकी पोस्ट पसंद न आये तब निम्न प्रकार के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं.
  1. अवसाद - ये तब होता है जब हमारे लेख को ज्यादा महत्ता नहीं दी जाती या उस पर एक भी कमेंट्स नही दिए जाते. ये इफेक्ट ज्यादातर नवोदित ब्लॉगर को प्रभावित करता है, क्योंकि जब कोई व्यक्ति अपना पहला ब्लॉग बनाता है तो उसे अपनी पहली पोस्ट से ज्यादा अपेक्षाएं होती हैं और वो चाहता है कि उसकी पहली कुछ पोस्ट्स ऐसी हो ताकि पढने वाला पहली बार में उसका फैन हो जाये. पर अक्सर ये होता नहीं. इस चीज से निपटने के लिए आपको अपने मन में दृढ़ इच्छाशक्ति रखनी होगी और संयम व सब्र के भावों को भी अपने मन में उतारना होगा, अन्यथा आप अवसाद से ग्रस्त होके या तो ब्लॉग लिखना बंद कर देंगे या फिर ब्लॉग अनियमित रूप से लिखने लगेंगे.
  2. तनाव - तनाव तो आज इंसानी स्वाभाव हो गया है, हमने दो - तीन पोस्ट लिखे, किसी ने भी हमारे अनुकूल कमेन्ट नहीं दिए तो हम तनाव में आ गए कि आखिर मेरे ही लेखों को सही सराहना क्यों नहीं मिलती. इस चीज से बचने के लिए आपको अपने लेखों को शांतिपूर्वक दोबारा पढना होगा तथा उन पर आये कमेंट्स को भी अच्छी तरह से पढ़ कर खुद में छुपी खामियों को पहचानने की कोशिश करें आपको जरूर लाभ मिलेगा.
  3. शरीर में विटामिन डी की कमी - ज्यादा देर कंप्यूटर के सामने बैठे रहने से आपको सूरज की रौशनी का लाभ बहुत कम मिल पाता है. इसीलिए आपको जरूरी है कि थोड़े देर खुद को रेस्ट देने की जरूरत है. विटामिन डी हमारी हड्डियों के लिए बहुत लाभदायक है और इसका सबसे प्रमुख व मुफ्त स्त्रोत सूरज की रौशनी है. लेखन को जिंदगी मन लेना अच्छी बात है, पर इसी लेखन के कारण ही जिंदगी को गवां देना सही बात नहीं है. इसके साथ कुछ और शारीरिक साइड इफेक्ट्स हैं जैसे कि पीठ का दर्द, आँखों का कमजोर होना, ब्लॉग्गिंग में खो जाने के कारण खाना पीना छोड़ देना इत्यादि.
  4. व्यव्हार में परिवर्तन - ब्लॉग्गिंग से हमारे व्यव्हार में दो तरह के परिवर्तन हो सकते हैं,  १. नकारात्मक तथा २. सकारात्मक. नकारात्मक परिवर्तन के अंतर्गत चिडचिडापन, आपके सोचने के तरीके में बदलाव तथा दोस्तों से दूरी. अब आते हैं सकारात्मक परिवर्तन की ओर, इसके अंतर्गत आने वाले बदलाव हैं - आपकी बदली हुई सोच के कारण आप सम्पूर्ण समाज को एक नयी दिशा देने का काम करने लगना, आपका किसी बातो को अच्छी तरह समझाने का तरीका, अच्छी बातों को सीखने की ललक, अच्छी किताबों व ब्लॉग पढने की आदत इत्यादि.
और भी कई साइड इफेक्ट्स होते हैं ब्लॉग्गिंग के, जिनका अध्ययन करना अभी बाकी है पर फिर भी अगर आप चाहते हैं इस बारे में और जानना तो मेरे पास एक लिंक हैं जिसपे कुछ और भी साइड इफेक्ट्स के बारे में संक्षेप में जानकारी दी गई है.

पर आपसे अंत में मैं इतना ही कहना चाहूँगा कि इन सब साइड इफेक्ट्स को मद्देनज़र रखते हुए आप लिखना कम या बंद न करें. क्योंकि आपकी एक पोस्ट ब्लॉग्गिंग जगत में क्रांति तथा आपकी दुनिया बदल सकती है. आशा करता हूँ कि मेरे द्वारा दी गई इस जानकारी से किसी के मन को ठेस न पहुंची होगी. 

धन्यवाद 

महेश बारमाटे "माही"

Tuesday, 3 May 2011

मेरी जिज्ञासाएँ : हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के लिए

नमस्ते दोस्तों तथा सम्मानीय ब्लोगर्स... !

लो आज फिर मेरे मन में कुछ और प्रश्न हैं उठने लगे...
के ढूंढ रहा है दिल जवाब, के इस आग को बुझाऊं कैसे ? 

मुझे ख़ुशी है कि आप लोगो ने मेरे पिछले पोस्ट में मेरे सवालों का भली तरह से मुझे जवाब दिया. पर फिर भी लगता है कि कुछ लोगों को मेरे सवालों का जवाब देने में कोई दिलचस्पी नहीं... इसीलिए आज कोई सवाल पूछने से पहले मैं बताना चाहता हूँ कि अभी कुछ दिन पहले मेरे एक लेख सुझाव : ब्लॉग्गिंग के बेहतर कल के लिए  में मैंने कुछ ऐसे सुझाव इस ब्लॉग्गिंग जगत को दे डाले जिनको पढने के बाद कुछ दिग्गज ब्लोगरों की सुलग उठी (क्षमा चाहूँगा क्योंकि अभी मुझे कोई और शब्द नहीं सूझा) और उन्होंने मुझे बच्चा समझ के डांटते हुए कुछ कमेंट्स भी कर डाले... मुझे उनके डांटने पर फर्क नहीं पड़ा क्योंकि उनकी डांट में मेरे लिए कुछ सीख ही थी. पर वहाँ कुछ ऐसे भी लोग थे जिन्होंने मेरे सुझावों को पढ़ा और उनकी महत्ता को समझते हुए मेरा साथ देने का वादा कर डाला... मुझे सबसे ज्यादा ख़ुशी इस बात की हुई के डॉ. अनवर जमाल खान जी ने मेरे सुझावों को पढने के बाद एक "हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड" नामक एक पुस्तक के प्रकाशन की घोषणा कर दी और उस पुस्तक की रूप रेखा तैयार करने का कार्यभार मुझे तथा उस लेख को पढने वाले हर शख्स को सौंप दिया...
हालाँकि इतना बड़ा काम जब मुझे मिला तो थोड़ी घबराहट भी हुई पर मेरी ख़ुशी ने उस घबराहट को दिल पे हावी ना होने दिया... और इसी हेतु आज कल मैं शोध कर रहा हूँ कि इस "हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड" में अगर कुछ हुआ तो आखिर क्या - क्या होगा?
इसी कारण मैंने अपने पिछले पोस्ट "कुछ सवाल : हिंदी ब्लॉग जगत से" में कुछ ऐसे सवाल पूछे जिनको जानना जरूरी तो नहीं पर मेरे हिसाब से ये सवाल हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड में अपनी महत्ता जरूर रखेंगे. और जब मैं उनके जवाब के साथ कोई लेख लिखूँगा तो चाहूँगा कि नए ब्लोगर्स को हिंदी ब्लॉग्गिंग का इतिहास और वर्तमान दोनों पता होने चाहिए ताकि वे नए भविष्य का निर्माण कर सकें और ऐसा कोई लेख मैं हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड में जरूर शामिल करना चाहूँगा... अतः कृपया मेरा साथ दें ताकि दुनिया की पहली हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड, हर नवोदित तथा पुराने ब्लॉगर के हर सवाल का जवाब देने में सक्षम हो... और आप लोग निश्चिन्त रहें कि अगर इस गाइड में मेरे लेख होंगे तो भी उन लेखों में आपके द्वारा दिए गए कमेंट्स का ही ज़िक्र होगा... मैं लिखूँगा आपकी जुबानी, क्योंकि मैं तो आज भी सीख रहा हूँ और चाहता हूँ कि आप अपना थोड़ा सा समय निकाल के मेरा साथ दें. 

मैं आज आपसे बस आपके विचार चाहता हूँ...

अगर आपके पास थोडा समय हो तो कृपया मेरी इन जिज्ञासाओं को अपने शब्दों में सारे ब्लॉग जगत को समझाने का कष्ट करें...

  1. किसी नए व्यक्ति को ब्लॉगर बनने के लिए उसमे क्या - क्या खूबियाँ होनी चाहिए ? (कृपया संक्षेप में समझाने का कष्ट करें.)
  2. ब्लॉग लिखने के क्या फायदे हैं ?
  3. एक अच्छे ब्लॉग में क्या खूबियाँ होनी चाहिए ?
  4. ब्लॉग पढने के फायदे ?
  5. ब्लॉग्गिंग के साइड इफेक्ट्स और आफ्टर इफेक्ट्स तथा इनसे बचने के उपाय?
  6. ब्लॉग को कैसे लोकप्रिय बनाया जाये ?
  7. कोई ब्लॉग जिसके पोस्ट पढने से नवोदित ब्लोगर्स को प्रेणना मिले.
  8. कोई सन्देश जो आप नवोदित ब्लोगर्स को देना चाहें.
  9. कोई सुझाव "हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड" के लिए.
हालांकि इनमे से कुछ के जवाब मुझे मालूम हैं पर अभी थोडा असमंजस में हूँ कि मैं सही हूँ या नहीं इसीलिए मुझे आप लोगों के सहयोग की बहुत जरूरत है...
सभी उत्तरदाताओं से अनुरोध है कि वे अपने शब्दों में ही उत्तर दें और किसी किताब या किसी ब्लॉग का विज्ञापन  इस तरह न करें कि मुझे वो किताब / ब्लॉग पढने पे मजबूर किया जाये... आशा है कि आप मेरा पूरा सहयोग करेंगे...

धन्यवाद

महेश बारमाटे "माही"

Sunday, 1 May 2011

कुछ सवाल : हिंदी ब्लॉग जगत से


नमस्कार सभी सम्मानीय ब्लोगर्स...

आज मैं यहाँ किसी भी प्रकार का सुझाव या किसी ब्लॉगर पर टिप्पणी करने नहीं आया हूँ... आज तो बस मैं अपने दिल में उठ रहे कुछ सवालों का जवाब मांगने आया हूँ इस ब्लॉग जगत से... आशा है कि मुझे मेरे सवालों का सार्थक व उचित उत्तर जरूर मिलेगा... तो शुरू करते हैं - 

  1. ब्लागस्पाट.कॉम या ब्लॉगर.कॉम ने हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में लिखने की सुविधा का प्रारंभ कब किया ?
  2. क्या आपको पता है कि हिंदी लेखन की सुविधा के पीछे गूगल व ब्लॉगर.कॉम के किस व्यक्ति का हाथ था ?
  3. हिंदी जगत में सबसे पहला ब्लॉग किसका था ? (कृपया संक्षेप में मुझे उनके बारे में तथा उनके ब्लॉग के बारे में बताएं...)
  4. हिंदी ब्लॉग जगत की पहले क्रांति (अगर कोई थी) तो उसका जिक्र भी मुझसे करें...
  5. हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर से आपका क्या अभिप्राय है ?
  6. हिंदी ब्लॉग जगत के पहले हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर के बारे में मुझे कुछ जानकारी चाहिए जैसे कि पहला हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर कोनसा है, वह किसका व्यक्ति के द्वारा बनाया गया और कब, उनका उद्देश्य तथा वर्तमान में प्रचलित सभी ब्लॉग एग्रीगेटर्स के नाम व पते इत्यादि.
  7. हिंदी ब्लॉग जगत के सबसे लोकप्रिय ब्लोग्गर्स के नाम व उनके ब्लोग्स पते मुझे बताएं...
  8. पहला ब्लॉग जो केवल भारतीय महिलाओं के लिए बनाया गया तथा किसने बनाया ?
  9. पहला ब्लॉग जो केवल किसी अभी भावक द्वारा उनके पुत्र या पुत्री के नाम से बनाया गया तथा किसने बनाया ?
  10. और ऐसे ब्लोग्स तथा ब्लॉग एग्ग्रीगेटर का नाम भी बताएं जो अब बंद हो गए हों, अगर आपको कारण पता हो तो वह भी बताएं.
  11. और अगर कोई और सूचना आप मुझे बताना चाहें तो वह भी बताएं...
मैं ये सब जानकारी इसीलिए चाहता हूँ क्योंकि आपके द्वारा दी गई जानकारियों के फलस्वरूप मैं एक पोस्ट लिख कर ये पूरी जानकारी मेरे जैसे उत्सुक ब्लोगर्स तक पहुंचा पाऊं... 
आशा है कि मुझे बहुत जल्द सारे सवालों का उत्तर मिल जायेगा वैसे भी मैं इन्टरनेट पे अपने इन सवालों का जवाब तो ढूंढ ही रहा हूँ... मैं आप सबका आभारी रहूँगा...
अगर आपको लगता है कि आपके पास जो जानकारी है वो यहाँ कमेन्ट पे देने पर ज्यादा लम्बी होगी तो आप मुझे ईमेल भी कर सकते हैं...

मेरा ईमेल है - mbarmate@gmail.com

अगर आप मेरे सवालों के जवाब मुझे ईमेल के द्वारा दें तो मुझे ज्यादा ख़ुशी होगी...

धन्यवाद 

महेश बारमाटे "माही"