Friday, 24 June 2011

Facebook पे Group Chat : एक मजेदार अनुभव

      कुछ दिनों पहले मेरे सारे दोस्त, काम की तलाश में बहार चले गए, चूंकि मेरे ख़ास दोस्तों की संख्या  बहुत कम है इसीलिए उनकी कमी बहुत खलती है आज मुझे. मेरे कुछ ही दोस्त हैं जिनमे से ख़ास तो बस तीन - चार ही हैं जिनसे मैं अपने दिल की सारी बातें शेयर करता हूँ.. और आज जब वो लोग यहाँ नहीं है तो थोड़ा सूनापन सा लगता है. ये वो दोस्त हैं जो बचपन से ही मेरे साथ हैं पर पिछले कुछ महीनो में हम इतने करीब आ गए थे कि दूर होना, ख्वाब में भी डराता था. भगवान न करे की आप में से किसी का भी ख़ास दोस्त आपसे जुदा हो. 
         चूंकि वो लोग अपने काम के सिलसिले में वहाँ गए हैं तो मैं उनको कभी बिना सफलता के वापिस आने नहीं कहूँगा. मेरे लिए उनकी दोस्ती से ज्यादा उनके जीवन की सफलता है. और मैं चाहूँगा कि वे अपना हर ख्वाब जीयें उसे पूरा करें और हर वो ख़ुशी पायें जो उन्हें मिलनी चाहिए. 
        आज वो मुझसे दूर हैं पर मोबाइल ने हमको साथ जोड़े हुए है. पर कभी कभी आर्थिक हालातों के चलते मोबाइल भी इन दूरियों को कभी कभी कम नहीं कर पाता. फिर ख्याल आता है इन्टरनेट का और इन्टरनेट अगर साथ है तो फेसबुक का ख्याल आना तो जरूरी ही है. कल २२ जून २०११ को, हम तीन दोस्त मनजीत (जो कि अभी दिल्ली में है), सौरभ (जो कि अभी पुणे में है) और मैं यानि महेश (जबलपुर से) फेसबुक पे इत्तिफाकन एक ही समय पे ऑनलाइन हुए. अब तीनो को एक दुसरे से बहुत सारी बातें भी करनी थी क्योंकि करीब एक महीने से हमने एक साथ बात भी नहीं की थी. तो फिर सोचा कि क्यों न कुछ ऐसा किया जाए जिससे कि तीनो एक साथ चैट के माध्यम से बात कर सकें. और उसमे ऐसा कुछ हो जिससे तीनो को एक दूसरे की कही बात चैट बॉक्स पे दिखाई भी दे. बस फिर क्या था ? मेरा थोड़ा सा दिमाग चला और मैंने हम ख़ास दोस्तों के पहले से बने फेसबुक ग्रुप पे जैसे ही क्लिक किया वैसे ही नीचे फेसबुक चैट बॉक्स के बगल में हमारे ग्रुप का भी चैट बॉक्स आ गया और हम तीनो टैली - कॉन्फ्रेंसिंग (Tele - Conferencing) की तरह आपस में बात करने लगे. 
        मारे बीच करीब १.३० घंटे की बातचीत हुई. ऐसा लगा जैसे कि हम लोग आसपास ही हों और बतिया रहे हों.ये मेरा अब तक का सबसे यादगार और मजेदार अनुभव था, हमारे बीच कुछ ऐसी मजाक भरी बातें हुई कि हम करीब २० मिनट तक अपनी हंसी को रोक नहीं पाए. पर इस बीच हमने हमारे एक और दोस्त अजय (जो की अभी गुडगाँव में है) को बहुत याद किया, उसके पास इन्टरनेट की सुविधा न होने के कारण वो चाट पे आ न सका. ये ९० मिनट हमारी जिंदगी के बहुत खूबसूरत पलों में से एक थे, तभी मैंने सोचा क्यों न ये अनुभव सबके साथ बांटा जाए और उन लोगों जो हमारी तरह अपनों से दूर हैं पर फेसबुक के जरिये आपस में बात कर सकते हैं, को एक साथ ग्रुप चैट करना सिखाया जाए ताकि वे अपने उन अनमोल पलों को अपनी स्मृति में संजो कर रख सकें. 
        चूंकि आज फेसबुक के इतने सारे प्रयोक्ता हैं कि लगभग सभी को ग्रुप चैट के बारे में पता ही होगा पर फिर भी मैं आपको ये जानकारी इसीलिए देना चाहता हूँ क्योंकि आज भी भारत में फेसबुक का प्रयोग करने वाले इसकी सारी सुविधाओं के बारे में अच्छे से नहीं जानते. 
तो फिर चलिए शुरू किया जाए - 
  • सबसे पहले तो आप अपने फेसबुक अकाउंट पे लॉगिन करें.
  • फिर अपने फेसबुक पेज के बांयी तरफ देखें कुछ इस तरह की एक लिस्ट दिखेगी.  
  • अब Create Group पे क्लिक करें.
  • आपको एक नया पॉपअप विंडो दिखाई देगा. जिसमे अपने ग्रुप का नाम, तथा ग्रुप के सदस्यों के नाम लिखें. सदस्यों के नाम लिखते साथ ही फेसबुक आपको सलाह के रूप में आपके फेसबुक फ्रेंड्स के नाम दिखने लगता है. जैसे ही आप ग्रुप के सदस्यों के नाम लिख लें. आप ग्रुप प्राइवेसी पे क्लिक कर के ग्रुप का प्रकार तय कर सकते हैं. 

  • ग्रुप प्राइवेसी तीन विकल्प हैं - 
  1. Open - अगर आप चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति इस ग्रुप को बिना आपकी इजाजत के ज्वाइन कर सके.
  2. Closed - अगर आप चाहते हैं कि आपकी मर्जी के बिना कोई भी इस ग्रुप में शामिल न हो.
  3. Secret - अगर आप अपने ग्रुप को गुप्त रखना चाहते हैं तो इस पर क्लिक करें. 
  • इसके बाद आप Create button पे क्लिक कर के अपना ग्रुप बना लीजिये.
  • लो जी आपका ग्रुप बन गया, अब आप चाहें तो अपने ग्रुप के सदस्यों से ग्रुप चैट कर सकते हैं. उसके लिए बस अपने ग्रुप के पेज को बायीं तरफ दी गयी लिस्ट में क्लिक करें और फिर नीचे दायीं ओर देखें जहाँ चैट बॉक्स होता है, वहाँ आपको आपके ग्रुप का एक अलग से चैट बॉक्स मिलेगा. बस उसपे क्लिक कर के शुरू हो जाइये अपनों के संग एक निजी चैटिंग के लिए...

  • और हाँ, एक बात का जरूर ध्यान दें कि अगर आप खुद अपने फेसबुक के चैट बॉक्स में ऑफलाइन होंगे तो ग्रुप चैट बॉक्स में भी कोई भी सदस्य नहीं दिखेगा, चाहे वो ऑनलाइन हो या न हो. इसीलिए अगर आप ऑनलाइन हों ओर आपको एक से अधिक दोस्तों से बात करनी हो तो ग्रुप चैट पे अपने दोस्तों को आमंत्रित करें ओर मजे लें ग्रुप चैट के.
चलते - चलते इस ग्रुप चैट की एक खामी मैं बताना चाहूँगा, वो ये कि अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को अपने ग्रुप में रखते हैं जिससे आप बात नहीं करना चाहते और जब आप किसी दोस्त से कोई निजी बात कर रहे होते हैं तब अगर वह व्यक्ति ऑनलाइन होगा तो वो आपकी सारी बातें पढ़ सकता है. इसके लिए बेहतर यही होगा कि अपने ख़ास ग्रुप को गुप्त या Secret ही रखा जाए...

आशा है कि आपको ये जानकारी पसंद आई होगी... 

- महेश बारमाटे "माही"

(यह लेख मेरे उन अभिन्न मित्रों के नाम मैं समर्पित कर रहा हूँ जो आज मुझसे दूर हैं पर दिल के बहुत ही करीब.)

# सारे चित्र fecebook व google से लिए गए हैं.. 

3 comments:

  1. "लिख रहा हूँ ताकि सांस ले सकूँ, जो न कभी खुद से मैंने कहा वो आज कह सकूँ."

    VERY GOOD POST & THOUGHTS.

    THANKS,

    MARKAND DAVE

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  2. बहुत अच्छी जानकारी है। धन्यवाद।

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  3. फेस बुक ग्रुप चेट के बारे मैं उपयोगी जानकारी देने का धन्यवाद

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