Wednesday, 5 April 2017

बड़े दिनों बाद...

आज बहुत दिनों बाद, जब ब्लॉगर की प्रोफ़ाइल देखने का ख्याल आया, तो देखने बैठ गया कि आखिर किन किन ब्लॉग में मैं कभी लिखा करता था। ऐसा लगा जैसे कई पुरानी डायरियों को अलमारी से आज निकाला हो। ऐसे कई ब्लॉग हैं, जो आज भी मेरे बगैर निरंतर लिखे जा रहे हैं, और ऐसे भी कुछ ब्लॉग मिले, जिनमे अब कोई नहीं लिखता। समय की कमी, न जाने कितने प्रतिभावान लेखको, कवियों को वक़्त की धुंध में पीछे छोड़ देती है। पर वक़्त चलता रहता है। निरंतर, हमेशा ही। 
शायद आपके मन में ख्याल आ रहा होगा कि आज कैसे मैंने लिखने की सोची ? कैसे इतने दिन बाद वापस ब्लॉगर खोल के अपने ब्लोगों को टटोला ? 
हुआ कुछ यूं, कि कल रात हमारे ऑफिस के ओफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप में कुछ लोगों ने मुझे पढ़ा, और उनकी प्रेरणा से आज मैं इस मुकाम पर आया हूँ, के कुछ लिखने को मन करने लगा। 
आज बड़े दिनों बाद अपने फेसबुक पेज को देखा, लगा कि यार ये तो न जाने कब से बंद पड़ा है। उसे वापस चालू करने में कुछ परेशानियाँ थीं, तो सोचा एक नया पेज बना लूँ। तो लीजिये, एक नया पेज झटपट बना लिया। चलिये आज आया हूँ तो ये नई खबर दे ही दूँ। 


और एक दो पोस्ट भी डाल दी। 

चलिये, अभी चलता हूँ, अगली बार आऊँगा तो कुछ नया, जरूर ले कर आऊँगा। बस दुआ करना, कि बहुत जल्द आऊँ। 

आपका 

वही पुराना दोस्त 

महेश "माही"

1 comment:

  1. ब्लॉग पर निरंतरता बनी रहे तो अच्छा है ... जीवन के कई उतार चढ़ाव आते हैं जाते हैं ... अच्छा लगा आपको देखना ..

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