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कल्याण मित्रता (Good Company)

    कल्याण मित्रता अर्थात भली संगति, जिसके बारे में गौतम बुद्ध ने कहा है कि            " भिक्खुओं ! मैं और कोई दूसरी ऐसी बात (धम्म) नहीं देखता जिससे अनुत्पन्न कुशल धर्म उत्पन्न हो जाते हैं और उत्पन्न अकुशल - धर्मों की हानि होती है, जैसे कि भिक्खुओं, यह भली संगति (कल्याण - मित्रता) । भिक्खुओं! भली संगति करने वाले के अनुत्पन्न कुशल धर्म उत्पन्न हो जाते हैं और उत्पन्न अकुशल - धर्मों की हानि होती है। "     जैसा कि हम बचपन से अपने बड़ों से, अपने शिक्षकों इत्यादि से ये बात सुनते आ रहे हैं कि अच्छी संगत में रहने में ही भलाई होती है, अच्छी संगत (good company) में हमें अच्छी बातें सुनने और सीखने को मिलती है, ऐसे में बचपन में हमें ये कौन बताये कि आखिर किस बच्चे से दोस्ती करने में अच्छी संगत होगी ? बस हम ये समझ लेते हैं कि जो क्लास में टॉप करता है या जो थोड़ा ज्यादा ही एक्टिव टाइप का बच्चा है उसके साथ दोस्ती कर लेना ही अच्छी संगत में रहना होता है. खैर! बालमन के लिए ये ही अच्छी संगत हो सकती है, पर जैसे जैसे हम बड़े होते जाते हैं हमारी सोच, हम...