Facebook पे Group Chat : एक मजेदार अनुभव
कु छ दिनों पहले मेरे सारे दोस्त, काम की तलाश में बहार चले गए, चूंकि मेरे ख़ास दोस्तों की संख्या बहुत कम है इसीलिए उनकी कमी बहुत खलती है आज मुझे. मेरे कुछ ही दोस्त हैं जिनमे से ख़ास तो बस तीन - चार ही हैं जिनसे मैं अपने दिल की सारी बातें शेयर करता हूँ.. और आज जब वो लोग यहाँ नहीं है तो थोड़ा सूनापन सा लगता है. ये वो दोस्त हैं जो बचपन से ही मेरे साथ हैं पर पिछले कुछ महीनो में हम इतने करीब आ गए थे कि दूर होना, ख्वाब में भी डराता था. भगवान न करे की आप में से किसी का भी ख़ास दोस्त आपसे जुदा हो. चूंकि वो लोग अपने काम के सिलसिले में वहाँ गए हैं तो मैं उनको कभी बिना सफलता के वापिस आने नहीं कहूँगा. मेरे लिए उनकी दोस्ती से ज्यादा उनके जीवन की सफलता है. और मैं चाहूँगा कि वे अपना हर ख्वाब जीयें उसे पूरा करें और हर वो ख़ुशी पायें जो उन्हें मिलनी चाहिए. आज वो मुझसे दूर हैं पर मोबाइल ने हमको साथ जोड़े हुए है. पर कभी कभी आर्थिक हालातों के चलते मोबाइल भी इन दूरियों को कभी कभी कम नहीं कर पाता. फिर ख्याल आत...