आप देंगे न मेरा साथ ? (Welcome to me)
दोस्तों ! बहुत दिनों बाद आया हूँ, क्या करूँ ? ब्लॉग्गिंग छोड़ना नहीं चाहता था पर मेरे जॉब ने मुझे ऐसे मुकाम पे ला फेका कि इन्टरनेट से दूर ही हो गया था मैं। नेट ऑन करता तो बस इ-मेल देखने के लिए... क्योंकि ब्लॉग्स्पॉट तो लो स्पीड इंटरनेट पे वर्क ही नहीं करता। पर एक ब्लॉगर को तो बस इन्टरनेट चाहिए कहीं से भी... और मैंने भी वही किया, बस बीएसएनएल ब्रॉडबैंड की संभावनाओं को तलाशा और इस गाँव में भी पा लिया ब्रॉडबैंड... अब मैं फिर से ब्लॉगिंग मे आ गया... मुझे आज भी याद है जब मैं रात रात भर ब्लॉगिंग में अपनी नींदे भूल जाया करता था... मैंने हिन्दी ब्लॉगिंग गाइड के लिए जो कार्य शुरू किया था वो आज भी अधूरा ही लगता है। मैं ब्लॉगिंग की दुनिया दूर चला गया तो आप लोग भूल गए होंगे मुझे, है न ? चलो कोई बात नहीं, अब फिर से आप सभी के दिलों में जगह बनानी है, मेरे पास अब भी बहुत सी नयी कवितायें और नई कहानी हैं... तो फिर दोस्तों ! बस एक काम कर दो यार... मुझे थोड़ी सी, बस थोड़ी सी ही हिम्मत और आपके प्रोत्साहन की जरूरत है... आप देंगे न मेरा साथ ? अपन...