Wednesday, 27 July 2011

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : मेरी नज़र से (भाग 4)

आह !
कितना सुकून है जब,
कोई काम आपके मन का होता है...
लगता है जैसे
कोई मनचाही कामना पूरी होने लगी हो...!

आज कुछ ऐसे ही जज़्बात मेरे दिल से बयान हो रहे हैं,  आज बहुत दिनों बाद मैं फिर आपके समक्ष हिन्दी ब्लॉगिंग गाइड को लेकर आया हूँ। चूंकि मैंने कहा था कि कुछ वक्त के लिए ब्लॉगिंग से दूर रहूँगा, पर ये आज भी मेरे लिए थोड़ा सा मुश्किल सा है। इसीलिए आज चुपके से आ ही गया हूँ और इसी तरह अब सप्ताह में एक बार आपको हिन्दी ब्लॉगिंग गाइड की जानकारी देने की कोशिश करूंगा।
दोस्तों ! पिछली बार मैंने आपको शलिनी जी व शिखा जी के परिचय के साथ उनके लेख ब्लॉगिंग के फायदे व नुकसान की जानकारी दी थी। आज मैं सबसे पहले श्री रूपचंद शास्त्री 'मयंक' जी के लेख "हिन्दी ब्लॉगिंग के उसूल" के बारे मे बताना चाहूँगा।
वैसे तो श्री रूपचंद शास्त्री 'मयंक' जी को आज ब्लॉग जगत मे कौन नहीं जानता ? 

सोच रहा हूँ कि उनकी तारीफ मे दो शब्द लिखूँ तो कैसे लिखूँ,
के जिसकी तारीफ खुद तारीफ करती हो, उसकी क्या तारीफ करूँ ?

उनका परिचय देना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल ही है क्योंकि डरता हूँ कहीं कोई भूलचूक न हो जाये। पर उनका परिचय हमारे हिन्दी ब्लॉगिंग गाइड के संकलक श्री अनवर जमाल खान जी ने बखूबी दिया है जिसे आप यहाँ पढ़ सकते हैं...

यूँ तो ब्लॉगिंग एक स्वरचना ही है, बिलकुल आपकी डायरी की तरह। आपका तो पता नहीं पर मैं तो अपनी डायरी में अपनी मुताबिक ही लिखता हूँ, बिना किसी बंदिश के, बिना किसी कायदे - कानून के, पर ब्लॉगिंग मे अगर कुछ कड़े कायदे कानून हम न अपनाएं तो शायद ये ब्लॉग जगत भी हमे अपनाने से इंकार कर देगा। वैसे आज कोई कड़े कायदे कानून के दायरे में रह कर लिखना पसंद नहीं करता, पर शास्त्री जी के द्वारा बताए गए ब्लॉगिंग के उसूल (कायदे - कानून) पढ़ने के बाद आप जरूर उन पर अमल करना शुरू कर ही देंगे। बहुत उम्दा तरीके से उन्होने अपने लेख मे समझाने की कोशिश की है। आपको जरूर पसंद आएगी। और एक बात और कहना चाहूँगा मैं कि अनवर जी ने जो कुछ भी शास्त्री जी के परिचय मे अपने लेख मे लिखा वो मेरी नज़र मे भी सच लगता है, उनके बताए गए उसूलों को पढ़ने के बाद वे सच में मुझे  ‘च्यवन ऋषि‘ के सच्चे वारिस  ही लगे।  उनका लेख पढ़ने के लिए थोड़ा सा इंतज़ार करें। मैं सारे लिंक अंत में ही देना चाहूँगा क्योंकि अभी मेरी बात खत्म नहीं हुई है...

अब चलते हैं हिन्दी ब्लॉगिंग गाइड के अगले लेख की ओर, जिसे लिखा है श्री देवेन्द्र जी ने।
देवेंद्र गौतम जी, रांची, झारखंड के रहने वाले हैं, वे ब्लॉगिंग की दुनिया मे फरवरी 2010 से अपना सिक्का जमाये बैठे हैं। पर वे साहित्य के क्षेत्र मे इतने भी नए नहीं है। वे पिछले 30 वर्षों से साहित्य की उपासना कर रहे हैं। और उनकी उपासना के एक चरण का नाम है - हिन्दी ब्लॉगिंग गाइड... 

इसी साधना के चलते उन्होने हिन्दी ब्लॉगिंग गाइड को अपने कुछ लेखों से संवारा है। 

  1. जीमेल अकाउंट बनाने का तरीका - अपने इस लेख में उन्होने बहुत ही सरल तरीके से जीमेल मे अकाउंट बनाने का तरीका सुझाया है। इस छोटे से लेख में उन्होंने सारी बातें बड़ी सरलता से बता दीं हैं ...
  2. नए ब्लॉगर की समस्याएँ - यह लेख यूं तो अपनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है ही पर इसे जब देवेन्द्र जी ने अपने जीवन की घटनाओं से जोड़ते हुये लिखा तो लगा कि शायद ऐसी समस्याएँ मेरे, आपके तथा हर एक नए ब्लॉगर के जीवन मे आ चुकी होंगी। सच मे उनकी लेखनी का जवाब नहीं। 
अब जब जीमेल पे अकाउंट बना ही लिया तो क्यों न पासवर्ड सुरक्षा की बात भी हो जाये ?
जी हाँ ! मेरे चर्चा के विषय मे आज डॉ0 अयाज़ अहमद जी तथा उनका लेख "पासवर्ड सुरक्षा के लिए सावधानियाँ" भी हैं।
डॉ0 अयाज़ अहमद जी पेशे से चिकित्सक हैं, पर वे साथ ही साथ एक बहुत ही अच्छे साहित्यकार व ब्लॉगर भी हैं। वे दिसंबर 2009 मे ब्लॉग जगत मे आए और अप्रेल 2010 से उन्होने ब्लॉगिंग की शुरुआत की। अपने ब्लॉग सोने पे सुहागा मे वे अक्सर इस देश की आवाम को चिकित्सीय सलाह देते नज़र आते हैं, पर हिन्दी  ब्लॉगिंग गाइड के लिए उन्होने जो लेख लिखा उससे उनके तकनीकी ज्ञान का भी पता चलता है कि वे न सिर्फ चिकित्सा मे अपना योगदान दे रहे हैं अपितु सभी को इंसानियत की खातिर बहुत सारी विधाओं से संबन्धित बढ़िया सलाह भी दे रहे हैं। उन्होने अपने लेख मे बताया कि किस तरह आज हैकर्स इस आभासी दुनिया मे चूहे की भांति चोरी छिपे बढ़ रहे हैं और आपके जरूरी ईमेल, ब्लॉग पोस्ट इत्यादि पे हमला कर रहे हैं ।  उनकी पासवर्ड सुरक्षा से संबन्धित सलाह सच मे बहूत ही उल्लेखनीय प्रयास है, आज के इंसान को जागरूक करने हेतु। 

चलिये अब काम की बात हो जाये - मेरे मतलब है कि सारे लिंक आपको बता दिये जाएँ ताकि आपका इंतज़ार खत्म हो सके.... 
पासवर्ड सुरक्षा से संबन्धित एक लेख मैंने भी हिन्दी ब्लॉगिंग गाइड के लिए लिखा था, कृपया उस पे भी नज़र दौडायें... 

       अंत में मैं बस इतना ही कहना चाहूँगा कि अगर मैंने इन महानुभाव लेखकों के बारे में कुछ भी गलत लिखा हो तो मुझे क्षमा करें, क्योंकि मैंने अब तक आप लोगों को जितना जाना है वही यहाँ लिखा हूँ... 
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

मेरे अगले लेख में आप पाएंगे - 
  • सीखें ब्लॉग बनाना और उसे सजाना
  • शक व इलज़ाम से बचें नए ब्लॉगर 
  • ब्लॉग्गिंग से सम्बंधित अच्छी वेबसाइटें 
  • ब्लॉग व ब्लॉग्गिंग से सम्बंधित और भी जानकारियाँ... 
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

चलते चलते मेरे पिछले लेख पे भी नज़र डालें - 

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : एक नया अध्याय

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : एक नया अध्याय - भाग २


हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड से सम्बंधित लेख : मेरी नज़र में (भाग एक)

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : मेरी नज़र से (भाग २)

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : मेरी नज़र से (भाग 3)
http://meri-mahfil.blogspot.com/2011/07/3.html  


----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
अगर आप हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के हर पल से जुड़ना चाहते हैं तो कृपया हमसे संपर्क करें... 
  • हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड की हर पल की कहानी अपने ईमेल पे जानने के लिए सबस्क्राइब करें हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के गूगल ग्रुप को -
Subscribe to हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड (Hindi Blogging Guide) Google Group 

Email: 

बस अपना ईमेल ऊपर दिए गए स्थान पे डालें और Subscribe बटन पे क्लिक करें...
  • फेसबुक पे हमसे जुड़ें - 

 - महेश बारमाटे "माही"

कुछ अच्छी किताबें - 

Wednesday, 20 July 2011

क्षमा याचिका

आदरणीय ब्लॉग जगत !

माफ़ी चाहूँगा क्योंकि मैं अभी ब्लॉग्गिंग से सम्बंधित कोई भी कार्य नहीं कर सकता... हर हफ्ते एक एक्साम है... और इस सिलसिले में हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड व ब्लॉग दुनिया से कोई सम्बन्ध रख नहीं पा रहा हूँ... 

पिछले कुछ एक्साम के रिजल्ट ने मुझे काफी नाराज किया है, जिस कारण अगले एक्साम के लिए ज्यादा मेहनत करना चाहता हूँ...

और अंत में उन सभी ब्लॉगर तथा मेरे परिचित दोस्तों से माफ़ी चाहता हूँ क्योंकि पिछले कुछ दिनों में मैंने उनसे कुछ ऐसे वादे भी किये जिन्हें अभी तक पूरा नहीं कर पाया हूँ... बहुत ही बड़ी दुविधा में फंसा हुआ हूँ, एक तरफ ब्लॉग्गिंग व लेखन से अथाह प्रेम और दूसरी तरफ मेरा करियर... फिलहाल २३ वर्ष की आयु होने के कारण अब घर पे यूँही बैठ के रहा नहीं जाता, मन करता है कि मैं भी कोई काम करूँ... पर प्राइवेट नौकरी न करने का एक प्रमुख कारण भी है और वो कि मैं घर वालों के खिलाफ नहीं जाना चाहता, इसी कारण कुछ दिन, सप्ताह या महीने आप सभी से दूर रहूँगा... और उम्मीद यही है कि जिस दिन भी वापिस लौटूं, एक नयी खुशखबरी के संग ही लौटूं... 


बस आप सभी की दुआ चाहता हूँ कि मेरा कार्य सफल हो और जल्द ही मैं कोई नयी खुशखबरी ब्लॉग जगत को अपनी ओर से दे पाऊं... 

आपका 
 - महेश उर्फ माही

Friday, 15 July 2011

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : मेरी नज़र से (भाग 3)

दोस्तों पिछले लेख में मैंने आपको हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड का मकसद बताया था, और इससे पहले मैंने हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के गूगल ग्रुप, फेसबुक ग्रुपलिंक्डइन.कॉमऑरकुट के ग्रुप के बारे में भी बताया था, चलो आज कुछ नया किया जाए... पर क्या ? हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के बारे में अब तक जितनी जानकारी मैंने आपको दी उसके हिसाब से तो यह इसका केवल परिचयात्मक भाग (मेरा मतलब है - "Introductory Part") था

अपने पिछले लेख में मैंने बताया था कि अबकी बार ब्लॉग्गिंग के फायदे व नुकसान की बात की जाएगी... हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के लिए इन विषयों पर लेख दो कौशिक बहनों ने लिखे हैं... इन बहनों से आज पूरा हिंदी ब्लॉग्गिंग जगत भलीभांति वाकिफ है... जी हाँ ! मैं शिखा जी और शालिनी जी के बारे में बात कर रहा हूँ. वैसे इनके बारे में मुझे ज्यादा तो कुछ पता नहीं पर जितना पता है वो आप से बताना चाहता हूँ... 

शालिनी जी पेशे से वकील हैं, पर साथ ही साथ एक बहुत अच्छी कवियित्री, लेखिका तथा इन सबसे बढ़कर एक बहुत अच्छी इंसान हैं. खुद के ब्लॉगर प्रोफाइल में वे अपने बारे में लिखती हैं कि घर वाले उन्हें जिद्दी बोलते हैं क्योंकि वे हर वक्त सच का साथ देने के लिए तत्पर रहती हैं... और वे पीड़ितों व निसहाय लोगों की सहायता के लिए हरदम तैयार रहती हैं. वे बचपन से ही प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेती आ रही हैं तथा स्कूल में भी वे भाषण प्रतियोगिताओं में भाग लेती थी और हमेशा अव्वल रहती थीं, उनके 100 - 150 पत्र कई नामी हिंदी समाचार पत्रों में छप चुके हैं और समाचार पत्रों ने ही उन्हें ब्लॉग्गिंग का रास्ता दिखाया. आज वे हिंदी ब्लॉगर्स इंटरनेशनल की कानूनी सलाहकार हैं. न तो ये पुरुषवादी हैं और न ही नारीवादी इसीलिए हर दम नए ब्लॉगर्स को प्रोत्साहित करने को तैयार रहती हैं. उनके शब्दों में उनकी ही एक इच्छा आप सब से साझा करना चाहूँगा - 

वो क्या है,कहाँ है,
है भी या नहीं...
        सोचने को विवश है मन.
         दिन मेरा बचता नहीं है,
रात यूँ ही कट जाती है,
क्या यही रहेगा मेरा जीवन.
          मेरी इच्छा है इस जग में,
           कुछ ऐसा काम मैं कर दिखलाऊँ,
जिससे जब छोडूं जग को मैं
सारी दुनिया को याद मैं आऊँ.

चलिए जानते हैं - वे क्या कहती हैं ब्लॉग्गिंग के फायदों के बारे में , मेरी नज़र से
सबसे पहले तो उन्होंने बताया कि अच्छे लेखन के लिए आवश्यकता है अच्छे प्रोत्साहन की. और इस बात से मैं भी सहमत हूँ क्योंकि अगर आप कोई काम करें और अगर कोई आपके उस कार्य के लिए आपको शाबासी दे तो आप अगर अगली बार फिर वही कार्य करेंगे तो आपका मन व दिमाग दोनों ही उत्साह से परिपूर्ण रहेंगे और आपकी कार्यशीलता तथा कार्य दोनों में बहुत ज्यादा सकारात्मक परिवर्तन आता है. इस बात को सिर्फ मैंने ही नहीं शायद आपने भी महसूस किया होगा. शालिनी जी ने बताया कि 
  • ब्लॉग्गिंग - सशक्त अभिव्यक्ति का सार्थक मंच
  • सारी दुनिया के विद्वानों से मिलने का, उनसे किसी विषय पे विचार विमर्श करने, तथा उनके द्वारा अपने किसी आलेख पे सही राय जाने का एक सार्थक मंच है - ब्लॉग्गिंग
  • जब समान अभिरुचि, विचारधारा वाले व्यक्ति आपस में मिलते हैं तो अपनी बात कहने में कोई संकोच दिखाई नहीं देता, एक अलग ही आत्मबल की अनुभूति होती है.
  • ब्लॉग्गिंग - मन को शांत व प्रफुल्लित करने का नायब साधन.
  • स्व भाषा समृद्धि, व तनाव दूर करने का बहुत सुन्दर मंच.
ये तो रही शालिनी जी व उनके द्वारा बताये गए ब्लॉग्गिंग के फायदे... चलिए अब शिखा जी से भी आपका परिचय करवा देता हूँ... 

शिखा जी, शालिनी जी की ही तरह हिंदी ब्लॉग्गिंग को समर्पित नारियों में से एक हैं. मानवजाति के उत्थान को समर्पित एक शोध छात्रा जिनके शोध का विषय है "हिंदी की महिला उपन्यासकारों के उपन्यासों में स्त्री विमर्श"... ब्लॉग जगत में सभी से स्नेह की अपार आकांक्षाएं लिए शिखा जी ने भी शालिनी जी की तरह ब्लॉग जगत में कदम रखा... और आज उनकी आकांक्षाएं भी पूरी होती दिखाई दे रही हैं. इस लेख हेतु उनके बारे में जानकारी इकठ्ठा करते वक्त मुझे थोड़ी सी परेशानी भी हुई, क्योंकि कभी वे किसी सजग नारी की तरह भारतीय नारी की परेशानियों को उजागर करती दिखाई देती हैं तो कभी छोटे नन्हे मुन्नों के लिए कवितायें गाती हैं. और कभी वे सुन्दर कहानियों में खोयी दिखती हैं तो कभी किसी अपने ब्लॉग में प्रश्न मंच खोले दिखायो देती हैं... सच में बहुमुखी प्रतिभा से परिपूर्ण हैं शिखा कौशिक जी. 

चूंकि कि वे खुद एक नारी हैं तथा एक शोध छात्रा होने के कारण उन्हें ज्ञात है कि ब्लॉग जगत में किसी महिला तथा एक ब्लॉगर (पुरुष या महिला) को आये दिन किस - किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसीलिए हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के लिए उन्होंने एक लेख लिखा "ब्लॉग्गिंग के साइड इफेक्ट"...
चलिए अब उनके लेख को मेरी नज़र से देखने की कोशिश की जाए कि आखिर वे ब्लॉग जगत से क्या कहना चाह रही हैं ?
  • शारीरिक नकारात्मक प्रभाव  - जैसा कि हम सभी जानते हैं कि एक ही जगह पर घंटों बैठे रहने के कारण बहुत सारी परेशानिया जैसे कि सिरदर्द, पीठ दर्द, बदन दर्द, थकान इत्यादि का सामना करना पड़ता है. और कंप्यूटर के सामने ज्यादा देर बैठने पर आँखों पे भी बुरा प्रभाव पड़ता है... ऐसे ही कुछ जरूरी प्रभावों की जानकारियाँ आपको उनके लेख में मिलेंगे.
  • ब्लॉग्गिंग की लत, सच में बहुत बुरी है (चूंकि लत किसी भी चीज कि हो बुरी ही होती है). इसके चलते आप अपने परिवार की अनदेखी भी कर सकते हैं, बाहरी दुनिया सिमट कर बस कंप्यूटर स्क्रीन बन जाती है. शुद्ध हवा तो जैसे सदियों पहले इस तन को लगी हो ऐसा महसूस होने लगता है. 
  • कुछ फर्जी लोग आज ब्लॉग जगत में भी आ धमके हैं. जो आपके लेखों को चुरा कर सारा श्रेय खुद ले उड़ते हैं. और कभी कभी ऐसा भी होता है कि आपके नाम को बदनाम करने के लिए कुछ लोग आपके नाम का दुरुपयाग कर फर्जी प्रोफाइल भी बना लेते हैं.
  • आज कल ब्लॉग जगत में ऐसे लोग भी शामिल हो गए हैं जो खुद को व खुद के मित्रों व परिजनों को एक समूह बना के पुरुस्कार द्वारा सम्मानित करते हैं और जो बहुत अच्छा लिखता है उसकी अनदेखी कर उसे हतोत्साहित भी करते हैं.
  • एक महिला को इस पुरुष प्रधान समाज में ज्यादा सजग रहना पड़ता है. क्योंकि सभी जानते हैं कि एक पुरुष अपने झूठे स्वाभिमान की खातिर किस हद तक गिर सकता है. 
  • और अंत में वे कहती हैं कि इन सब नकारात्मक प्रभावों से डर के ब्लॉग्गिंग छोड़ देना बुज़दिली होती है एक कायर बनने की अपेक्षा एक वीर की भांति डटें रहें. और महिला ब्लौगरों को वे सलाह देती हैं कि अभद्र व अवांछित कमेन्ट को दूर किया जा सकता है. अगर आप सही हैं तो किसी से न डरें यही नीति है...
और अंत में मैं यही कहना चाहूँगा कि मुझे दोनों ब्लॉगर बहनों के लेखन में कोई भी खामी नज़र नहीं आई. आशा है कि आपको भी न आई होगी... 

मैं बहुत-बहुत शुक्र गुज़र हूँ शिखा जी और शालिनी जी आपका, जो आप दोनों ने हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के लिए इतनी उम्दा जानकारी प्रस्तुत की. 


उनके लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें - ब्लॉग्गिंग के फायदे  तथा ब्लॉग्गिंग के साइड इफेक्ट्स 
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

मेरे अगले लेखों में आप पाएंगे - ब्लॉग्गिंग के बुनियादी उसूल, जीमेल में अपना अकाउंट कैसे बनायें ?, पासवर्ड सुरक्षा तथा और भी बहुत कुछ...
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
मेरे पिछले लेख भी देखें - 
हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : एक नया अध्याय

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : एक नया अध्याय - भाग २


हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड से सम्बंधित लेख : मेरी नज़र में (भाग एक)

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : मेरी नज़र से (भाग २)
http://meri-mahfil.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html

----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
अगर आप हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के हर पल से जुड़ना चाहते हैं तो कृपया हमसे संपर्क करें... 
  • हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड की हर पल की कहानी अपने ईमेल पे जानने के लिए सबस्क्राइब करें हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के गूगल ग्रुप को -
Subscribe to हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड (Hindi Blogging Guide) Google Group 

Email: 

बस अपना ईमेल ऊपर दिए गए स्थान पे डालें और Subscribe बटन पे क्लिक करें...
  • फेसबुक पे हमसे जुड़ें - 

 - महेश बारमाटे "माही"

Monday, 11 July 2011

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : मेरी नज़र से (भाग २)

           मेरे पिछले लेखों में मैंने आपको हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड से सम्बंधित जानकारियों समेत यह बताया कि आखिर हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड को लिखने का ख्याल किस तरह डॉ. अनवर जमाल खान जी को आया. और फेसबुक, ऑरकुट, गूगल ग्रुप्स तथा लिंक्डइन.कॉम पे हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड से जुड़ने का तरीका भी आपको बताया. आज हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड से सम्बंधित मेरा यह चौथा लेख मैं आपके समक्ष पेश करने जा रहा हूँ... आशा है कि यह जानकारी आपको जरूर पसंद आएगी. 

          हाँ, तो फिर मैंने हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के के सम्बन्ध में अनवर जी से थोड़ा विचार विमर्श कर के फिर एक लेख लिखा - 

ताकि "हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड" इतिहास न बन जाये...


इस लेख से ही हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के असल कार्य की शुरुआत सी हो गई थी, इसके कुछ दिन पश्चात ही अनवर जी ने एक लेख लिखा - 

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड का मकसद 

इस लेख में उन्होंने हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड का असल मकसद साफ़ कर दिया... उनके शब्दों के कुछ अंश मैं यहाँ पेश करना चाहूँगा -
  • हिंदी ब्लॉगिंग गाइड की रचना मक़सद यह है कि जो हिंदी पाठक अभी तक ब्लॉगिंग से अनजान हैं, उन्हें ब्लॉगिंग के बारे में मुकम्मल जानकारी दी जाए।
  • इस गाइड का मक़सद यह भी है कि जो पुराने ब्लॉगर हैं, उन्हें नए ब्लॉगर की मदद के लिए तैयार किया जा सके। अक्सर ब्लॉगर कुछ परेशानियों से घबराकर ब्लॉगिंग छोड़ बैठते हैं। अगर उन्हें समय पर मदद मिल जाती तो वे हमारे दरम्यान बने रह सकते थे। 
  • इस गाइड को तैयार करने वाले सभी ब्लॉगर अपने तजर्बे की बुनियाद पर नए ब्लॉगर्स की मदद भी करेंगे। हरेक हिंदी ब्लॉगर इस टीम में शामिल होने के लिए आमंत्रित है।
  • इस तरह हिंदी ब्लॉगिंग गाइड अपने पूरे अर्थों में सचमुच एक गाइड ही है। यह किताब भी मदद करेगी और इसके लेखकों की टीम भी। इस गाइड का मक़सद हिंदी की सेवा और हिंदी पाठकों की मदद करना है। 
  • यह भी देखने में आया है कि नए लोग ब्लॉगिंग के बारे में जानना चाहते हैं और पुराने ब्लॉगर उन्हें सिखाना भी चाहते हैं लेकिन उन्हें सिखाने के लिए वे समय कहां से लाएं ?
    ऐसे में यह ब्लॉगिंग गाइड पुराने ब्लॉगर्स की भी मदद करेगी।
  • और इसी के साथ ही उन्होंने हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के ओफिसिअल ब्लॉग "हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड" के लोकार्पण की सूचना भी दे डाली.. 
        इस आगाज़ का तहे दिल से स्वागत किया गया, सारा ब्लॉग जगत हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के नए ब्लॉग से खुश था... सभी ने बहुत सारी शुभकामनाएं दी ओर तथा कुछ ऐसे भी ब्लॉगर सामने आए जो इस किताब के लिए लिखना चाहते थे. इस बात ने मुझे बहुत ख़ुशी दी कि हमें नए लेखक और मिले. इससे हमारी टीम को नया उत्साह मिला जिसने मुझे हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के सन्दर्भ में ये सारी जानकारियाँ आपसे साझा करने का हौसला जगाया. वरना मैं तो अपने लेख लिख के हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड से लगभग अलग सा हो गया था... पर आज यह ना केवल मेरा सपना है बल्कि मेरी मंज़िल में भी शामिल हो गया है. 
        आज मुझे फक्र महसूस होता है कि मैं एक ब्लॉगर हूँ और हिंदी की सेवा के लिए देश हित में किये जाने वाले इस अविश्वसनीय कार्य में शामिल हूँ. आज पूरे विश्व में हिंदी के करीब 40 हज़ार ब्लॉग हैं पर उनमे से बहुत से ब्लॉग आज खाली हैं क्योंकि सही मार्गदर्शन, सही प्रोत्साहन व लोगों की पंहुच से बाहर होने के कारण आज बहुत से ब्लॉग अपने लेखकों का इंतज़ार कर रहे हैं.

और अंत में बस यही कहना चाहूँगा कि 

मैं तो हरदम सच की राह में चलता आ रहा हूँ,
एक तू मिला तो कारवां बनता चला गया...
और बहुत सराहा था तूने भी मेरे काम को "माही"
आज क्या हुआ जो ज़माने ने तुझे मेरे बारे में कुछ गलत कह दिया ?

ये पंक्तियाँ मैंने उन लोगों का आव्हान करते हुए लिखी हैं जो कल भी हमारे साथ थे और आज भी हैं... बस ना जाने किन कारणों से वे सब हमसे दुखी हैं...
हमे आपके स्नेह व प्रोत्साहन की जरुरत है, कृपया हिंदी ब्लॉग जगत के लिए हमारी मदद करें... 
(अगर आपको मेरे किसी भी बात का बुरा लगा हो तो मुझे जरूर बताएं, मैं आपकी हर बात सुनने के लिए ही तो यहाँ बैठा हूँ... आपके हर विचार का स्वागत है..)

----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

मेरे अगले लेख में पढ़ें  -  
ब्लॉग्गिंग के फायदे व नुकसान पर मेरी राय 

मेरे पिछले लेख भी देखें - 
हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : एक नया अध्याय

हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड : एक नया अध्याय - भाग २


हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड से सम्बंधित लेख : मेरी नज़र में (भाग एक)

----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
अगर आप हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के हर पल से जुड़ना चाहते हैं तो कृपया हमसे संपर्क करें... 
  • हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड की हर पल की कहानी अपने ईमेल पे जानने के लिए सबस्क्राइब करें हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के गूगल ग्रुप को -
Subscribe to हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड (Hindi Blogging Guide) Google Group 

Email: 

बस अपना ईमेल ऊपर दिए गए स्थान पे डालें और Subscribe बटन पे क्लिक करें...
  • फेसबुक पे हमसे जुड़ें - 

 - महेश बारमाटे "माही"