Saturday, 14 May 2011

धोका : Blogger.com का

ब्लॉगर.कॉम ने मेरे साथ किया धोका... 
इस बात पे खुश होऊं या गुस्सा... कुछ समझ में नहीं आ रहा...

११ मई २०११, को मैंने अपने ब्लॉग "माही" पर एक कविता लिखी. शीर्षक था - "तड़प

अब हुआ यूं कि मैंने ये कविता पोस्ट कर दी पर कोई कमेन्ट नहीं आया... पर १२ मई २०११ को 
संजय भास्कर जी  का एक कमेन्ट आया. - "मैं क्या बोलूँ अब....अपने निःशब्द कर दिया है..... बहुत ही सुंदर कविता."

और मैंने भी उनको धन्यवाद कहा.. 

और आज जब मैंने अपने ब्लॉग पे वही कविता फिर से देखी तो....

संजय जी का कमेन्ट गायब था, और मेरा भी...

वैसे मुझे इस बात पे गुस्सा भी आया कि आखिर कैसे हुआ ये सब... 
फिर दिमाग पे थोडा जोर लगाया तो मैंने पाया कि दोपहर में ब्लॉगर.कॉम खोलने पर खुल नहीं रहा था. वह दर्शा रहा था कि ब्लॉगर.कॉम अभी उपलब्ध नहीं है.

अब आप शायद कहें कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि मेरी कविता से कमेन्ट बिना मेरी इज़ाज़त के गायब हो जाये. तो मेरे पास एक और इलज़ाम है ब्लॉगर.कॉम के लिए...

११ मई २०११ को ही मैंने एक नया साझा ब्लॉग बनाया था. नाम रखा - नवोदित चिट्ठाकार
चूंकि मैंने अपनी दूसरी जीमेल आई डी से ये ब्लॉग बनाया था और फिर  मैंने अपनी इस आई डी में सदस्य बन्ने के लिए आमंत्रण भेजा. और फिर अभी जब मैंने अपना ब्लॉगर डैशबोर्ड देखा तो वो ब्लॉग भी गायब था. ब्लॉगर ने उस ब्लॉग को तथा उसमे लिखे एक पोस्ट (जो कि ड्राफ्ट में था) को भी डिलीट कर दिया...

अब आप ही बताएं कि मैं क्या करूँ ? 

ब्लॉगर.कॉम की बेवकूफी पे हंसी ज्यादा आ रही है गुस्से कि बजाये...  :-D

महेश बारमाटे "माही"

3 comments:

  1. सत्य वचन है आपका ! जी हाँ ऐसा उस दिन मेरे साथ भी हुआ था |

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  2. अपना खुद का डोमेन नेम ले कर ब्लॉग बनायें

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